चलती ट्रेन में मोबाइल गिर जाए तो क्या chain pulling कर सकते हैं, नहीं जानते होंगे ये जरूरी बात

चलती ट्रेन में मोबाइल गिर जाए तो क्या chain pulling कर सकते हैं, नहीं जानते होंगे ये जरूरी बात


अगर आपका मोबाइल चलती ट्रेन से गिर जाता है तो क्या आप चेन पुलिंग कर सकते हैं या नहीं इस बारे में आप शायद ही जानते होंगे। दरअसल, हमारा मोबाइल कोई सगा संबधी तो नहीं है और न ही कीमती समान की श्रेणी में आता है तो मतलब साफ है ऐसे अगर आपका मोबाइल गिर जाता है तो चेन पुलिंग करना कानुनन अपराध है। लेकिन... 

लेकिन आपका मोबाइल 1000 रुपये के जुर्माने से ज्यादा है तो चेन पुलिंग करके जुर्माना भर सकते हैं या फिर रेलवे लाइन के साइड में जो पोल लगी होती है उसका नंबर नोट करके रेलवे हेल्पलाइन से मदद मांग सकते हैं और अपने आगामी रेलवे स्टेशन पर उतरकर उस फोन को रिकवर कर सकते हैं। भारत में सबसे ज्यादा रोजगार इंडियन रेलवे देता है।


इस अवस्था में चेन पुलिंग करना अपराध नहीं है…

पुराने दौर में लोग कई बार बेवजह चेनपुलिंग कर देते हैं और अपने मन मर्जी मुताबिक ट्रेन को रुकवाने लगे थे। जब ये घटनाएं ज्यादा बढ़ने लगी तो बेवजह चेन पुलिंग करना दंडात्मक श्रेणी में शामिल कर दिया गया। अब थोड़ा नियम सख्त हो गए तो ये चीज धीरे-धीरे खत्म हो गए, इसमें जेल में सजा का प्रावधान भी जोड़ दिया गया। लेकिन जरा सोचिए अगर चलती ट्रेन से आपका मोबाइल गिर जाए तो क्या चेन पुलिंग करना सही है या गलत? क्या आप जानते हैं इस समय चेन पुलिंग करना कानूनन जुर्म है या नहीं इंडियन रेलवे एक्ट 1989 के चैप्टर 15 में रेलवे के दंड व अपराध के बारे में बताया गया है जिसके अनुसार हम चेन पुलिंग तभी कर सकते हैं जब किसी यात्री की जान जोखिम में पड़ने या कोई सगा संबंधी अथवा बच्चे के छूट जाने या कीमती सामान छूट जाए।

ऐसे अपना ट्रेन से गिरा हुआ मोबाइल दुबारा पा लेंगे…

मोबाइल फोन गिरने पर आप चेनपुलिंग की बजाए अगर इसमें रेलवे हैल्पलाइन की मदद लें तो अच्छा होगा।आगामी रेलवे स्टेशन पर उतरकर आप अपने सामान को रिकवर कर सकते हैं। हालांकि इसमें समय लग सकता है। रेलवे कर्मचारी आपके बताए स्थान पर जाकर आपका मोबाइल तलाशेंगे। अगर उन्हें आपके बताए मुताबिक पोल संख्या के आसपास आपका मोबाइल बरामद होता है तो वे उसे आपके सुपुर्द कर देंगे ।

चेन पुलिंग करते पकड़े गए तो सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी…


चैन पुलिंग बिना कारण बार-बार होने और समस्या बार-बार होने के कारण सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए एक निर्णय लिया जिसके अनुसार बिना कारण चेन पुलिंग करने पर सरकारी नौकरी पाना मुश्किल है। कहा यह भी जा रहा है कि ट्रेन से चेन को हटाया जा रहा है क्योंकि भारतीय रेलवे को इससे प्रतिवर्ष करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उत्तर प्रदेश के बरेली इज्जतनगर से इसका प्रयोग शुरू हो चुका है। लोगों को इमरजेंसी में कोई दिक्कत न हो इसलिए उन्हें उस ट्रेन के यात्री को लोको पायलट और सहायक लोको पायलट का नंबर दिया जायेगा।



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